सोशल मीडिया सनसनी 'धूम': एक अनाथ बच्चे की प्रेरणादायक यात्रा
Viral boy dhoom: झारखंड के जमशेदपुर शहर में रहने वाला एक युवा लड़का, जो कभी कचरा इकट्ठा करके अपना जीवन यापन करता था, अचानक इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। 'धूम' नाम से मशहूर हुए इस किशोर की मधुर आवाज ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।
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| Dhoom Viral Boy |
इस लड़के का असली नाम पिंटू है। पहले वह कूड़ा-करकट इकट्ठा करने और अन्य छोटे-मोटे काम करके अपना पेट पालता था। दुर्भाग्य से, उसे नशीले पदार्थों की लत भी लग गई थी। जब उसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे, तो अनेक कंटेंट क्रिएटर्स उसकी ओर आकर्षित हो गए।
एनजीओ ने बढ़ाया मदद का हाथ
एक स्वयंसेवी संस्था ने जब पिंटू की स्थिति देखी, तो उन्होंने उसे अपने संरक्षण में लेने का निर्णय लिया। संस्था के प्रबंधक प्रतीक कुमार बताते हैं कि उन्हें इंस्टाग्राम पर पिंटू के बारे में जानकारी मिली। उनके वीडियो में एक चिंताजनक बात दिखाई दी - वह अक्सर नशे की हालत में रहता था।
प्रतीक कहते हैं, "हमने सोचा कि अगर समय रहते कुछ नहीं किया गया, तो यह प्रतिभाशाली बच्चा नशे के दलदल में और गहरे डूब जाएगा। पहली कोशिश नाकाम रही, लेकिन दूसरी बार हम उसे अपने साथ लाने में सफल हुए।"
स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज जारी
पिंटू को केवल नशे की समस्या ही नहीं थी। उसे पीलिया और लीवर में संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां भी थीं। वर्तमान में उसका व्यापक चिकित्सीय उपचार चल रहा है। कुछ जांचें अभी बाकी हैं, लेकिन वह पूरा सहयोग दे रहा है।
नई जिंदगी की शुरुआत
पिंटू अब अपने नए जीवन से संतुष्ट दिखता है। वह कहता है, "यहां सब अच्छा है। अच्छा भोजन मिलता है - दूध, रोटी, चावल, सब्जी, ब्रेड और जूस भी। मेरे पुराने साथी जो कचरा बीनते थे, उनसे अब संपर्क नहीं है। उनके साथ रहने का मतलब होगा फिर से नशे में फंस जाना।"
मेहनत करने में उसका विश्वास अटूट है। वह कहता है, "मुझे कोई भी काम दे दो, मैं पूरी मेहनत से करूंगा। मैंने पहले भी दीवार तोड़ने जैसे कठिन काम किए हैं। हालांकि लोग मुझे पूरा पैसा नहीं देते थे और धोखा देते थे, फिर भी मैं खुश रहता था।"
अंतरराष्ट्रीय पहचान
पिंटू की प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई है कि दुबई से भी उसे प्रस्ताव मिल रहे हैं। हालांकि वह कहता है कि वह अपने देखभालकर्ताओं की सलाह के बिना कोई निर्णय नहीं लेगा।
प्रतीक का मानना है कि किसी व्यक्ति को उसके अतीत से नहीं, बल्कि वर्तमान प्रयासों से आंका जाना चाहिए। "अगर लोग पुरानी जिंदगी के आधार पर फैसला करेंगे, तो केवल नकारात्मक पहलू ही दिखेंगे। हमें उसके भविष्य पर ध्यान देना चाहिए," वे कहते हैं।
यह कहानी दर्शाती है कि कैसे सही मार्गदर्शन और सहायता से कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी बदल सकता है।

